नई दिल्ली :केंद्र सरकार ने देश के वाहन चालकों, किसानों और ट्रांसपोर्टर्स को बड़ी राहत दी है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने वाहनों की फिटनेस जांच से जुड़े नियमों में संशोधन करते हुए कई विशेष श्रेणियों के वाहनों के लिए RTO (क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय) में मैनुअल (हाथ से) फिटनेस टेस्ट की अनुमति दे दी है।
पहले स्वचालित परीक्षण स्टेशनों (ATS) पर इन विशेष वाहनों की जांच को लेकर कुछ तकनीकी और व्यावहारिक समस्याएं आ रही थीं, जिसके बाद मंत्रालय ने यह कदम उठाया है।
इन प्रमुख वाहनों को मिली मैनुअल जांच की छूट
मंत्रालय द्वारा जारी की गई 27 श्रेणियों की सूची में मुख्य रूप से कृषि, निर्माण और विशेष उपयोग वाले वाहन शामिल हैं।
इनमें प्रमुख हैं :
- कृषि वाहन : कृषि ट्रैक्टर, पावर टिलर, हार्वेस्टर और ट्रैक्टर-ट्रॉली।
- निर्माण और औद्योगिक वाहन: फोर्कलिफ्ट, क्रेन माउंटेड वाहन, निर्माण उपकरण वाहन (CEV), रोड रोलर, बुलडोजर, और डंपर।
- अन्य व्यावसायिक वाहन:
- ई-रिक्शा, ट्रेलर, व्यावसायिक ट्रैक्टर, सेमी-ट्रेलर और मॉड्यूलर हाइड्रोलिक ट्रेलर।
राज्यों को जारी किए गए निर्देश
केंद्रीय मंत्रालय ने इस संबंध में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के परिवहन आयुक्तों को आधिकारिक सूची और निर्देश भेज दिए हैं। साथ ही, राष्ट्रीय वाहन पोर्टल (Vahan Portal) पर भी आवश्यक सॉफ्टवेयर अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वाहन स्वामियों को फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
सरकार के इस फैसले से विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों के किसानों, निर्माण कार्यों से जुड़े कारोबारियों और छोटे वाणिज्यिक वाहन मालिकों को काफी सहूलियत मिलेगी।