वाराणसी। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने शुक्रवार को कैम्प कार्यालय में राजपत्रित अधिकारियों के साथ गोष्ठी कर पुलिसिंग को अधिक प्रभावी, संवेदनशील और परिणामपरक बनाने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समय के साथ अपराध के तौर-तरीके बदल रहे हैं, इसलिए पुलिसिंग में भी लगातार बदलाव जरूरी है। तकनीकी दक्षता, बेहतर बीट व्यवस्था, मजबूत जनसंवाद और त्वरित कार्रवाई के जरिए अपराध नियंत्रण एवं कानून-व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाए।
पुलिस आयुक्त ने गोद लिए गए थानों को आदर्श थाना बनाने पर विशेष जोर दिया। अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर इन थानों का निरीक्षण करने तथा क्षेत्रीय व्यापारियों और पुलिसकर्मियों के साथ अलग-अलग बैठक कर उनकी समस्याओं को जानने और समाधान कराने के निर्देश दिए। थानों में तैनात पुलिसकर्मियों के आवास, मेस और अन्य व्यक्तिगत समस्याओं के प्राथमिकता से निस्तारण पर भी जोर दिया गया।
उन्होंने थाना और चौकी क्षेत्रों में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं समयबद्धता की नियमित जांच करने तथा संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों का कवरेज बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही सीसीटीएनएस, आईपीडीआर, एमआरएम, जीआरएम, जेडएफडी और आरटीसी सहित विभिन्न पुलिस पोर्टल की जानकारी के लिए बुकलेट तैयार कर पुलिसकर्मियों की तकनीकी दक्षता का परीक्षण कराने को कहा।
एयर शो और एमएलसी चुनाव की सुरक्षा पर विशेष फोकस
आगामी 22, 23 और 25 अक्टूबर को प्रस्तावित एयर शो तथा 23 अक्टूबर को प्रस्तावित एमएलसी चुनाव को लेकर पुलिस आयुक्त ने पूर्व नियोजित एवं समन्वित सुरक्षा व्यवस्था तैयार करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को रूट, पार्किंग स्थल, सीसीटीवी, मेडिकल टीम, शौचालय और अन्य जनसुविधाओं का पहले से निरीक्षण कर कमियों को दूर कराने को कहा गया।
चुनाव को लेकर संबंधित अधिकारियों को मतदान केंद्रों का भ्रमण करने, पोलिंग पार्टियों के रवाना होने वाले स्थान, आवागमन मार्ग और पुलिस बल की तैनाती की पूर्व योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
महिला अपराध और संवेदनशील क्षेत्रों पर निगरानी
महिला अपराध से संबंधित यूपी-112 की शिकायतों की निगरानी के लिए विशेष सेल गठित करने के निर्देश दिए गए। शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण, पीड़िताओं से फीडबैक और महिला उत्पीड़न के मामलों में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। शिकायतों के आधार पर महिला अपराध के हॉटस्पॉट चिन्हित कर वहां निगरानी बढ़ाने और सक्रिय शोहदों एवं अराजक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
आगामी विधानसभा एवं ग्राम पंचायत चुनावों के मद्देनजर जातिगत एवं धार्मिक विवादों से जुड़े मामलों पर विशेष सतर्कता बरतने तथा संवेदनशील क्षेत्रों और व्यक्तियों को चिन्हित कर किसी भी विवाद की स्थिति में तत्काल और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
यातायात, अतिक्रमण और बीट पुलिसिंग पर भी निर्देश
यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए सभी अधिकारियों को प्रतिदिन कम से कम एक घंटे पैदल भ्रमण करने के निर्देश दिए गए। चिह्नित स्थानों पर अतिक्रमण की पहचान कर उसे हटवाने और नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया।
बीट पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए यक्ष एप के अनुसार प्रत्येक थाने में बीट वितरण चार्ट तैयार कराने तथा प्रत्येक बीट में एक अनुभवी और एक नवीन आरक्षी को तैनात करने के निर्देश दिए गए। महिला आरक्षियों के लिए अलग बीट निर्धारित करने पर भी जोर दिया गया।
पुलिस आयुक्त ने कोडीन कफ सिरप, जीएसटी फ्रॉड और एलयूसीसी फ्रॉड से जुड़ी महत्वपूर्ण विवेचनाओं की प्रभावी निगरानी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। लंबित विभागीय जांचों के लिए विशेष अभियान चलाने तथा कालबाधित एवं आगामी माह में कालबाधित होने वाली विवेचनाओं की नियमित समीक्षा कर शीघ्र, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी महत्वपूर्ण घटना की सूचना छिपाई न जाए और तत्काल उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाए। राजपत्रित अधिकारी स्वयं मामलों का संज्ञान लेकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें और केवल थाना प्रभारी पर निर्भर न रहें।
गोष्ठी में पुलिस उपायुक्त काशी जोन गौरव बंशवाल, पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन राजेश कुमार पाण्डेय, पुलिस उपायुक्त गोमती जोन नीतू, पुलिस उपायुक्त विनीत भटनागर, अपर पुलिस उपायुक्त गोमती जोन नृपेन्द्र, अपर पुलिस उपायुक्त वैभव बांगर, अपर पुलिस उपायुक्त यातायात अंशुमान मिश्रा सहित जनपद के समस्त राजपत्रित अधिकारी उपस्थित रहे।