चंदौली। जनपद के बलुआ क्षेत्र स्थित पश्चिम वाहिनी गंगा तट पर पितृपक्ष के अवसर पर दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ अपने पूर्वजों का पिंडदान एवं तर्पण किया। इस दौरान गंगा तट पर श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। श्रद्धालुओं ने धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा-पाठ कर अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृपक्ष में विधि-विधान से पिंडदान और तर्पण करने से पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसी आस्था के साथ श्रद्धालु बलुआ के पश्चिम वाहिनी गंगा तट पर पहुंचे और अपने पूर्वजों के निमित्त धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए। इस दौरान ब्राह्मणों के माध्यम से विधिवत पूजा-अर्चना कराई गई तथा पिंडदान और तर्पण की परंपरा निभाई गई।

पूजा-पाठ के उपरांत श्रद्धालुओं ने ब्राह्मणों को भोजन कराया और उन्हें अंगवस्त्र, दान-दक्षिणा एवं अन्य सामग्री भेंट की। इसके साथ ही जरूरतमंद एवं गरीब लोगों को भी दान देकर पुण्य अर्जित करने की कामना की। श्रद्धालुओं ने अपने परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली के लिए प्रार्थना की।

पितृपक्ष के दौरान पश्चिम वाहिनी गंगा तट पर श्रद्धालुओं की आस्था और धार्मिक विश्वास का विशेष नजारा देखने को मिला। दूर-दराज से पहुंचे लोगों ने गंगा में स्नान कर पूजा-अर्चना की और अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा एवं सम्मान व्यक्त करते हुए पिंडदान की परंपरा निभाई।