बरेली। भारतीय जनता पार्टी बरेली की ओर से सोमवार को महापौर कैंप कार्यालय, सिविल लाइंस में प्रेसवार्ता आयोजित की गई। मुख्य वक्ता महापौर डॉ. उमेश गौतम ने कांग्रेस पर चुनावी और राजनीतिक असफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का आरोप लगाया।
महापौर ने कहा कि कांग्रेस को अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक कमजोरियों पर आत्ममंथन करना चाहिए। प्रशासनिक एवं संवैधानिक विषयों को राजनीतिक मुद्दा बनाकर जनता के बीच भ्रम पैदा करने से उसकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में पराजय के बाद कांग्रेस और विपक्षी दल चुनाव आयोग सहित संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हैं।
डॉ. गौतम ने कहा कि चुनाव आयोग की ओर से जारी संयुक्त बयान के बाद विपक्ष द्वारा उठाए गए कई सवालों की स्थिति स्पष्ट हुई है। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा दोनों चुनाव आयुक्तों डॉ. एस.एस. संधू और विवेक जोशी की 26 सितंबर को हुई बैठक के बाद जारी संयुक्त प्रेस वक्तव्य में एसआईआर समेत प्रमुख निर्णयों को सर्वसम्मति से लिए जाने की बात स्पष्ट की गई है।
उन्होंने एक अंग्रेजी दैनिक में प्रकाशित रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए उसे तथ्यहीन बताया और कहा कि विपक्ष ने उक्त रिपोर्ट को आधार बनाकर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने का प्रयास किया। महापौर ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने से पहले राजनीतिक दलों को तथ्यों का सम्मान करना चाहिए।
फॉर्म-6 को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर भी डॉ. गौतम ने विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने इस संबंध में स्थिति स्पष्ट की है और एसआईआर के दौरान मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रैन बसेरों, मजदूरों और बेघर लोगों के लिए विशेष कैंप लगाने तथा छूटे हुए लोगों के घर जाकर बीएलओ द्वारा फॉर्म एकत्र करने जैसी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
महापौर ने राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर लगाए गए आरोपों का भी उल्लेख किया और कहा कि विपक्ष को आरोप लगाने के बजाय तथ्यों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए।
प्रेसवार्ता में भाजपा जिलाध्यक्ष बरेली सोमपाल शर्मा, जिलाध्यक्ष आंवला आदेश प्रताप सिंह, महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।