चंदौली। चंदौली कोतवाली पुलिस ने गोवध निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मुकदमे में वांछित एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान राहुल सोनकर (21 वर्ष), पुत्र मुन्ना सोनकर, निवासी फगुईया, थाना व जिला चंदौली के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, अभियुक्त की गिरफ्तारी 29 सितंबर की कार्रवाई के क्रम में की गई। उसके खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस चेकिंग के दौरान पलटी थी गोवंश लदी पिकअप
पुलिस के मुताबिक, 11 सितंबर 2026 की रात माटीगांव तिराहे पर संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान बोलेरो पिकअप संख्या UP 61 BT 8003 वहां पहुंची। पुलिस टीम ने टॉर्च की रोशनी से वाहन चालक को रुकने का इशारा किया, लेकिन चालक ने वाहन की गति तेज कर पुलिस टीम को कुचलने का प्रयास किया। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह खुद को बचाया। इस दौरान पिकअप अनियंत्रित होकर पुलिया से टकराने के बाद सड़क किनारे पलट गई।
पुलिस ने पलटी हुई पिकअप से सात गोवंश बरामद किए थे। इस मामले में चंदौली कोतवाली में मुकदमा अपराध संख्या 461/2026 के तहत उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और बीएनएस की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
पूछताछ में सामने आई अभियुक्त की पहचान
पुलिस के अनुसार, 29 सितंबर की रात एक व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में शराब के नशे में घूमता हुआ मिला, जो अपना नाम नहीं बता पा रहा था। उसे पूछताछ के लिए थाने लाया गया। इसके बाद पुलिस ने उसकी जीवन सुरक्षा के मद्देनजर जिला अस्पताल में उसका उपचार कराया। पूछताछ के दौरान उसने अपना नाम राहुल सोनकर बताया। गहन पूछताछ में पुलिस को पता चला कि वह गोवध के उक्त मुकदमे में वांछित अभियुक्त है। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू की।
अभियुक्त के खिलाफ पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे
पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, गिरफ्तार राहुल सोनकर के खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम, एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट, उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट तथा चोरी और धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं में पूर्व में भी मुकदमे दर्ज हैं। इनमें जौनपुर के जमालपुर और जलालपुर थानों के साथ चंदौली कोतवाली में दर्ज मामले शामिल हैं। इस गिरफ्तारी की कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक विंदेश्वर प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में की गई। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक मोहम्मद असलम भी शामिल रहे। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई प्रचलित है।