पीडीडीयू नगर/चंदौली। नगर पालिका परिषद पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर के वार्ड नंबर-05 बिछड़ी अलीनगर में सड़क, नाली और जलभराव की समस्या को लेकर पूर्व सभासद राजाराम सोनकर ने अधिशासी अधिकारी/अध्यक्ष को प्रार्थना पत्र देकर समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की है।

प्रार्थना पत्र में पूर्व सभासद ने बताया कि वार्ड की कई प्रमुख गलियों और मार्गों पर नाली खराब होने के कारण बारिश का पानी जमा हो रहा है। इससे स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने जीटी रोड अलीनगर थाने के सामने दशरथ सोनकर के मकान से लेकर शिवनारायण कॉलोनी होते हुए भाई लाल सोनकर के मकान तक सड़क व नाली निर्माण/मरम्मत की मांग की है।

इसके अलावा जीटी रोड कल्लू सोनकर के मकान से लेकर राजाराम सोनकर के मकान तक सड़क और नाली का कार्य कराने की मांग की गई है। वहीं राजेश मदनवाल के मकान से लेकर मुसाफिर सिंह चौहान के मकान तक भी सड़क एवं नाली निर्माण कराने का आग्रह किया गया है।

आवेदन में जीटी रोड भगवान सिंह के मकान से दशरथ चौहान पूर्व सभासद के मकान तक सड़क-नाली की स्थिति सुधारने की मांग करते हुए बताया गया है कि आगे हरिजन बस्ती, चौहान बस्ती, यादव बस्ती, मुस्लिम बस्ती और पटेल बस्ती में भी रास्ता खराब होने से लोगों को परेशानी हो रही है।
गड्ढे में पानी भरने से आवागमन प्रभावित
पूर्व सभासद ने अपने आवेदन में पूर्व सभासद मुसाफिर सिंह चौहान के आने-जाने वाले रास्ते में बड़े गड्ढे का भी उल्लेख किया है। उनका कहना है कि गड्ढे में पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। उन्होंने वहां तत्काल मलबा/मिट्टी डलवाकर रास्ते को दुरुस्त कराने की मांग की है।
बस्तियों में जलभराव, बीमारी का जताया खतरा
आवेदन के अनुसार सोनकर बस्ती, नाटक बस्ती तथा शिव नगर कॉलोनी में बरसात का पानी भर गया है और कई घरों में पानी पहुंचने की स्थिति बनी हुई है। आवेदनकर्ता ने आशंका जताई है कि गंदे पानी के कारण संक्रामक बीमारियां फैल सकती हैं। इससे निजात दिलाने के लिए पंपिंग सेट लगाकर नाले से पानी निकलवाने की मांग की गई है।

वहीं पत्र में कहा गया है कि कुछ स्थानों पर पानी भरे होने के कारण रास्ते से वाहनों के आवागमन में भी परेशानी हो रही है। पूर्व सभासद ने नगर पालिका प्रशासन से इन समस्याओं का तत्काल समाधान कराने की मांग की है। आवेदन में यह भी कहा गया है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आमजन को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ सकता है।